SocialTwist Tell-a-Friend

कोरिया समाचार

अधिकार समझ कर ले योजनाओ का लाभ: संसदीय सचिव श्री राजवाड़े।

कोरिया समाचार

चिरमी जन समस्या निवारण शिविर में 67 आवेदन मौके पर ही हुए निराकृत

कोरिया समाचार

कोरिया समाचार

किसानो को स्प्रेयर पुमप, वन्धिकार के पट्टे व निःशुल्क बीज मिनीकिट का वितरण

कोरिया समाचार

प्राकृतिक आपदा पीडितो को मिली 3.27 लाख रूपए की रहत राशी.

कोरिया समाचार

संसदीय सचिव श्री राजवाड़े जी ने प्राथमिक स्वस्थ्य केंद्र भवन का किया लोकार्पण.

कोरिया समाचार

झुमका बाँध में बाढ़ आपदा प्रबंधन का हुआ पूर्वाभास. सेना के तैरक और मछुआ समिति के सदस्यों ने बाढ़ राहत कार्य का किया संयुक्त पूर्वाभास. एस.इ.सी.एल. द्वारा गैस और अग्नि दुर्घटना की स्थिति में किये जाने वाले आपदा प्रबंधन का प्रदर्शन.

July 21, 2011

Railway Track

कोरिया जिले में लगातार हो रही बारिश से २०/७ की रात बोरीडांड के जंगल में भूस्खलन हो गया है. इस स्खलन से रेल से रेल यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है जिसमे अंबिकापुर जाने वाली एवं आने वाली कई ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है.


रेल अधिकारीयों के मुताबिक २०/७ की रात ८ बजे भूस्खलन हुआ जिसमे बड़ा पत्थर रेल ट्रैक में जा गिरा जिससे बोरीडांड से अंबिकापुर का रेल यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया.  बोरीडांड में घना जंगल है जिसमे पहाड़ो को काट कर रेल ट्रैक बिछाया गया. जिसमे बारिश के समय अक्सर छोटे मोटे भूस्खलन होते रहते हैं. जिसे रेल कर्मचारियों द्वारा फ़ौरन क्लिअर कर दिया जाता था. लेकिन २०/७ को एक बड़ा पहाड़ आकार का पत्थर रेल ट्रैक पर गिरा जिसकी जानकारी होते ही रेलवे रेस्क्यू टीम "पेंड्रा", 'बैकुंठपुर', 'मनेन्द्रगढ़', 'बिजुरी' घटना स्थल पर पहुँच गयी,जानकारी मिलते ही बिलासपुर शहडोल के अधिकारी भी घटना स्थल पर पहुँच गए. और काफी तेज़ी से मालवा हटाने की तयारी की गयी, घटना स्थल पर जायजा लेने ADRM भी पहुँच गए उन्होंने बताया कि इस हादसे से ४ ट्रेनों को रद्द किया गया है और २ ट्रेनों को लेट से छोड़ा गया है.


वही यात्रियों कि भी बोरीडांड स्टेशन पर देखी गयी देरी से काफी यात्रियों ने तो वापसी का रास्ता पकड़ लिया. वही एक बार रास्ता साफ़ कर जैसे ही दुर्ग अंबिकापुर ट्रेन को क्रास करवाया जा रहा था उसके ऊपर फिर से पहाड़ गिर गया. जिसमे किसी भी यात्री को चोट लगने कि जानकारी नहीं मिली है. लेकिन डिब्बे को देख कर लगता है कि पहाड़ चट्टानी नहीं थी अन्यथा डिब्बे में बैठे यात्रियों को अवश्य चोट लगती, घटना कि पुनरावृत्ति होते ही ADRM ने ट्रेन को वापसी कर दिया एवं लगभग २ बजे ट्रेन को रवाना किया गया. जिससे यात्रियों ने रहत कि सांस ली. वही ADRM के अनुसार २ दिनों में रास्ता पूर्वतया क्लिअर हो जायेगा.

(सहारा समय)

July 19, 2011

Vija Ki Anumati

कोरिया जिले का मनेन्द्रगढ़ थाना इन दिनों सुर्ख़ियों में है शहर में हो रही चोरिया और कुछ दिन पूर्व हुए मर्डर केस को पुलिश अभी सुलझा भी नही पी है की एक पाकिस्तानी नागरिक के वीजा में सील मुहर एवं दस्तखत न लगाने से थाना चर्चा में है और वही अधिकारी थानेदार के अज्ञानता को दोष दे रहे हैं.

सैयद इस्तेफाक हुसैन पाकिस्तान के कराची शहर का रहें वाला है. इसकी ससुराल मनेन्द्रगढ़ के चनावारीडांड ग्राम पंचायत में है. दिनांक १४ जून को इस्तेफाक अपने परिवार सहित भारत सरकार से  वीजा लेकर ३० दिनों की अनुमति लेकर भारत पहुंचा जिसका पासपोर्ट नं. ६८९१३३१ व वीजा नं. p/८९६३२१ था जिसके तहत इस्तेफाक को अपने अपने परिवार को लेकर ६ जुलाई को पाकिस्तान लौटना था. आप सोच रहे होंगे अगर ६ जुलाई को इस्तेफाक को पाकिस्तान लौटना था तो अब तक इस्तेफाक भारत में क्या कर रहा है. तो हम आपको बता दे की इस्तेफाक अपनी मर्जी से नही बल्कि मनेन्द्रगढ़ थाने की मेहरबानी से अब तक भारत में मौजूद है. क्योंकि नियमतः किसी भी परदेशी को अगर शहर में आवक होती है तो उसकी इंट्री थाने में करवाई जाती है. और जाते वक्त उसकी जावक भी लिखी जाती है. यह एक सार्वजनिक प्रक्रिया है जिससे हर मुसाफिर को गुजरना पड़ता है. सैयद जी के मामले में ऐसा हुआ ही नही. जब उन्होंने थानेदार से रेसिडेंटियल परमिट में स्थानीय थाने की सील व मुहर लगवानी थी जिसे दिखा कर मुनाबाऊ बोर्डर पर करना था पर मनेन्द्रगढ़ थाना प्रभारी ने थाने के रेजिस्टर में जाने की तारीख दर्ज किये बगैर और सील मुहर लगाये बिना प्रार्थी को रेसिडेंटियल परमिट वापस कर दिया जिससे उनके परिवार को बोर्डर से वापस लौटा दिया गया. और सदस्यों को कागजी कार्यवाही के लिए फिर से मनेन्द्रगढ़ आना पड़ा.

पाकिस्तानी निवासी सैयद इस्तियाक हुसैन अपनी ९ माह कि बच्ची के साथ दर दर भटक रहे हैं वही मीडिया के दखल देने के बाद पुलिश अधिकारीयों ने अपनी गलती स्वीकारी है और कहा है कि जल्द से जल्द सम्बंधित दस्तावेजो को पूर्ण कर दिया जायेगा जिससे इस्तेयाक अपने वतन वापस लौट सके.


(सहारा समय)

Dahej Pratadna

पैसे की भूख इंसान की इंसानियत का पाठ भुला देती है इसलिए कभी कभी इंसान अपना आप खो देता है और कर देता है ऐसी भूल जिससे उसे समाज में शर्मिंदा होना पड़ता है ऐसी ही एक घटना कोरिया के मनेन्द्रगढ़ में घटित हुई है.
मनेन्द्रगढ़ थाना परिसर में अपने माँ बाप से साथ कड़ी हुई यह औरत सरोज है इसका विवाह १६ मई २०११ को मनेन्द्रगढ़ के देवकुमार के साथ हुआ था. सरोज के माँ बाप की मने तो देवकुमार के माँ बाप ने अँधेरे में रख कर ये शादी की उन्होंने बताया कि वह कालिरी में कार्यरत है लेकिन सरोज और देवकुमार कि शादी के बाद हकीकत सामने आई सरोज का पति देवकुमार बेरोजगार था और तो और वह पहले भी शादी शुदा था और उसके बच्चे भी थे सरोज ने सब कुछ जानते हुए भी देवकुमार को स्वीकार कर लिया. लेकिन शादी के कुछ दिनों के बाद ही दहेज़ कि मांग कि जाने लगी सुरु में तो सरोज शांत रही लेकिन धीरे धीरे जब ससुराल पक्ष कि मांग बढ़ने लगी तो उसने थाने कि शरण ली.
सरोज शहडोल (म.प्र.) कि रहने वाली है उसके ससुराल वालो ने उसे धमकी दी अगर थाने में जाएगी तो जिन्दा जला दिया जायेगा. इस बात को उसने अपने मायके पक्ष में बताया जिस पर थाना मनेन्द्रगढ़ पुलिस ने मामला पंजीबध कर लिया है लड़के और माँ की गिरफ़्तारी हुई लेकिन उनका कहना है की सारे आरोप बेबुनियाद है.
जब तक सरोज के लगाये गंभीर आरोपों को पुलिश तब्दीश नही कर लेते तब तक देवकुमार सलाखों के पीछे नही डालते तब तक मामलो की हकीकत सामने नही आएगी.
(सहारा समय)

June 21, 2011

Bhalu Hamle se Maut


जून के पहले सप्ताह में कोरिया जिले के सीमावर्ती इलाको में जिसमे प्रमुख रूप से नयी लेदरी नगर पंचायत के लोगो को भालू ने हमले से ३ लोगो को मार डाला था और ५ लोगो को घायल कर दिया था घायलों को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल मनेन्द्रगढ़ में भारती कराया गया था, लेकिन वन विभाग के अल अफसरों की निष्क्रियता की वजह से घायलों में ११ वर्षीया विजेंद्र की मौत हो गयी.

आपको शायद लग रहा होगा की विजेंद्र की मौत का समय आ गया और उसकी मौत हो गयी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है. विजेंद्र की जान बच सकती थी लेकिन वन विभाग के उदासीन रवैये के कारण सही उपचार न होने के कारण उसकी जान चली गयी, हद तो तब हो गयी मरणोपरांत पोस्टमार्टम के लिए उसके परिजनों को ४८ घंटो का इंतजार करना पड़ा. 
दिनांक १ जून को विजेंद्र अपने दादा के साथ जंगल में लकड़ी काटने गया था की अचानक दादा पर भालू ने हमला कर दिया, दादा पर हमला देख ११ वर्षीय विजेंद्र को रहा न गया और अपने दादा को बचाने के लिए भालू से भिड गया जिसमे विजेंद्र और उसके दादा गंभीर रूप से घायल हो गए. और उन्हें उपचार हेतु सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, हालात में सुधार न होता देख सरकारी अस्पताल प्रबंधन द्वारा सिटीस्केन के लिए विजेंद्र को बिलासपुर रिफर किया गया, जिसमे वनविभाग द्वारा १ ड्राईवर और एक गार्ड को साथ में भेजा गया लेकिन मानवता को तारतार करते हुए दोनों वनविभाग के कर्मचारियों ने बिलासपुर एम्स हॉस्पिटल के दरवाजे पर छोड़ कर वापस चले गए साथ में ५ हजार रुपये उन्हें पकड़ा दिया गया. भोले भले पंडो जाती के लोगो ने शहर की चकाचौंध कभी नहीं देखी थी. २ दिन तक हॉस्पिटल में कागज लेकर घूमते रहे. अंत में १८०० रुपये लेकर अस्पताल प्रबंधन द्वारा विजेंद्र का एक्स- रे थमा दिया गया. विजेंद्र के परिजनों के पास वापस आने के शिवाये और कोई चारा नहीं था. इसलिए उन्होंने ४००० में मार्शल बुक कर वापस मनेन्द्रगढ़ ले आये. जिसकी सूचना सरकारी अस्पताल को दी गयी और सरकारी अस्पताल प्रंधन द्वारा वनविभाग को दी गयी. लेकिन फिर भी उसके इलाज के कोई कदम नहीं उठाया गया. अंततः १३ जून की शाम विजेंद्र ने दम तोड़ दिया.

विजेंद्र के चाचा द्वारा मौत की सूचना वनविभाग को प्रबंधन को दी गयी. लेकिन लगभग ३६ घंटो तक उसका शव उनके घर ही पड़ा रहा बाद में नगर पंचायत नयी लेदरी के अध्यक्ष को जानकारी मिली तो उन्होंने अपने खर्चे से पोस्ट मार्टम हेतु शव चीरघर भेजा.

इस सम्बन्ध में वन अधिकारीयों से जब पूछा गया तो उनका कहना था विजेंद्र और उनके दादा को जंगल जाना ही नहीं था. न जाते न उनको मौत होती साथ ही रेडक्रॉस सोसाईटी द्वारा उनको दवा उपलब्ध न कराये जाने पर उन्होंने कहा की वनविभाग की कोई गुड विल नहीं है की उधारी मिल सके. जबकि पूर्व में डी. ऍफ़. ओ मनेन्द्रगढ़ द्वारा कहा गया था की घायलों को समुचित उपचार दिया जावेगा और उनकी दवाइयों के रेड क्रोस सोसाईटी को कह दिया गया है सारी दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध होंगी. वाही रेड क्रोस सोसाईटी के संचालक से जब हमने बात की तो उनका साफ़ तौर पर कहा था की किसी भी घायल को वनविभाग द्वारा दवैया मुहैया करने की बात नहीं की गयी है. और सारे घायल प्राइवेट दवाइया ले रहे हैं.

वाही उसके दादा की हालत भी गंभीर बनी हुई है, कभी भी कोई भी प्रत्याशित घटना हो सकती है. अगर वनविभाग अपनी कुम्भ करणीय नींद से नहीं जगा तो शायद दादा की भी मौत हो सकती है. हांलाकि वनविभाग द्वारा विजेंद्र की मौत के लिए २ लाख रुपये देने की बात कही गयी है.

(सहारा समय)

June 04, 2011

Bhalu Hamla

कोरिया के मनेन्द्रगढ़ में इन दिनों भालू का आतंक फैला हुआ है पिछले ४ दिनों में मनेन्द्रगढ़ और उससे सटे सीमावर्ती म.प्र. राज्य के झीमर को लेकर भालू ने लोगो पर हमला किया. जिसमे ३ लोगो की अब तक मौत हो चुकी है और शेष ५ लोग घायल है, जिनका उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेन्द्रगढ़ में चल रहा है.

हलाकि वनविभाग मनेन्द्रगढ़ की नींद अब तक नहीं उडी है, जिस आदमखोर भालू को पिंजरे में होना चाहिए वो अभी भी खुले आम घूम रहा है, दिनांक ३०/०५/२०११ सुबह ५ बजे मार्निंग वाक पर गए कृष्ण गोपाल तिवारी पर भालू ने हमला किया जो की सिद्ध बाबा घाट हुआ, जिसे वनविभाग ने साधारण सी बात मानकर मुआवजा की बात कह कर मामले को रफा दफा कर दिया. इसके बाद उसने ग्रामीणों को निशाना बनाया. ०१/०६/२०११ को ठीक सुबह ५ बजे शारदा देवी व कृष्ण सिंह पर भालू ने हमला किया, जिसमे शारदा देवी की मौत हो गयी, भालू म.प्र. व मनेन्द्रगढ़ की सीमा से सटे मुख्य मार्गो व जंगलो में विचरण कर रहा था. इस बात की जानकारी होने के बाद भी वन विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा. ०१/०६/२०११ को ही ११ बजे दोपहर भालू ने ३ लोगो पर हमला किया जिसमे धनसाय और गुलाब की मौत घटना स्थल पर ही हो गयी, रामप्रताप जान बचने में सफल हो गया.

इन घटनाओ के बाद भी भालू शांत नहीं बैठा उसने ०१/०६/२०११ को शाम को पुरानी लेदरी के सुरेन्द्र जो कि तेंदुपत्ता बीनने गया था उस पर हमला बोल दिया सुरेन्द्र के ऊपर हमला होते देख उसका पोता (८ वर्षीय) महेंद्र  टांगी लेकर भालू के पीछे दौड़ पड़ा जिससे सुरेन्द्र को छोड़ कर भालू ने महेंद्र पर हमला बोल दिया. इस वक़्त दोनों मौत से लड़ रहे हैं. और अस्पताल में भर्ती है. 
इन घटनाओ के बावजूद भालू पर नकेल कसने के लिए वनविभाग द्वारा ठोस पहल नहीं की जा रही है. लेकिन मुआवजा देने की बात कही जा रही है.

पिछले ४ दिनों में ८ हमलो में ३ लोगो ने अपने प्राण खो दिए हैं क्षेत्र में दहशत का माहौल व्याप्त है लेकिन विभाग द्वारा खुनी भालू को पकड़ने के बजाये लोगो को समझाइश की जा रही है. अब देखना होगा की भालू का अगला शिकार कौन होगा.



(सहारा समय)

May 26, 2011

Coca Cola ki Bottle me Tharmacol

जहा बहुराष्ट्रीय कंपनिया अपने प्रोडक्ट बेहतर बताती है और उन्हें बेचने के लिए बहुत से प्रचार भी करती है. जी हाँ आज हम बात कर रहे हैं ऐसे ही एक कंपनी के प्रोडक्ट की जिसका नाम है कोका कोला. पिछले दिनों भी एक ऐसे ही प्रोडक्ट मिरिंडा में फंगस आने की बात सामने आई थी और आज कोकाकोला में थर्माकोल का टुकड़ा दिखाई पड़ रहा है.

जहा तक इन कंपनियों की बाज़ार में पूरी तरह पकड़ है वही ये कम्पनीयअपने प्रोडक्ट में कोई गड़बड़ी न हो इसका ध्यान रखते हुए अपने साथ कई लोगो को इसकी जांच में लगा रखती है. पर ये अधिकारी अपनी लापरवाही के कारण कंपनी को शर्मिंदा करने से नहीं चुकते हैं.

कंपनिया करोडो रुपये लगा कर अपने प्रोडक्ट का प्रचार बड़े बड़े स्टारों से करवाती है. परन्तु इस तरह की लापरवाही से जनमानस के स्वस्थ्य के साथ खिलवाड़ करने से बाज़ भी नहीं आती है. इस भीषण गर्मी में छोटे बड़े सभी लोग इस तरह के पेय पदार्थो का सेवन करते हैं. और इस प्रकार कि चूक क्वालिटी कंट्रोल मेनेजर कि लापरवाही को उजागर करती है.

इस बारे में जब दुकानदार से पूछा गया तो उसने कुछ भी कहने से साफ़ मन कर दिया और कहा कि किसी भी प्रकार कि कार्यवाही न होने के कारण ये लापरवाहिया होती है.

  
(बंसल न्यूज़)

Manaya Gaya Jila Utsav


कोरिया जिले की तेरहवी वर्षगाँठ पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने राज्यपाल श्री शेखर दत्त जिला पंचायत सभा गृह में पहुंचे साथ ही प्रभारी मंत्री श्री अमर अग्रवाल भी कार्यक्रम में मौजूद थे. छ.ग. राज्यपाल श्री शेखर दत्त १२ बजे बैकुंठपुर पहुंचे. कार्यक्रम में कलेक्टर कोरिया द्वारा महिला गृह उद्योग द्वारा निर्माण की गयी खादय सामग्रियों का प्रस्तुति करण किया गया. जिसमे प्रमुख रूप से कोरिया पापड़, कोरिया अचार, कोरिया जूट बैग का उल्लेख था, अमर अग्रवाल प्रभारी मंत्री कोरिया ने कलेक्टर कोरिया के कार्यो की सराहना की, शेखर दत्त ने भी महिलाओ द्वारा किये जा रहे प्रयासों की प्रसंसा की. कार्यक्रम में प्रतिक चिन्ह के स्वरुप कोरिया गृह निर्माण मंडल की और निर्मित सामग्री उन्हें भेंट की गयी. वही मानस भवन में आयोजित संगोष्टी में महामहिम राज्यपाल व प्रभारी मंत्री अमर अग्रवाल ने भी भाग लिया. यहाँ जिला स्थापना दिवस में अमर अग्रवाल ने जिले वासियों को ढेर सारी बधाईया दी.और श्री शेखर दत्त ने कोरिया जिले को समृद्ध होने की बात कही.

कमियाँ
कलेक्टर कोरिया ने कार्यक्रम जिला पंचायत का सभागृह रखा था , जहाँ आम आदमी का पहुँच पाना असंभव था और जिन महिलाओ को सजा कर प्रोग्राम की शोभा बढ़ने के लिए रखा गया था उनमे से कई सो रही थी या फिर कई अपने मासूम बच्चो को लेकर परेशान थी.


May 25, 2011

Jarjar Hoti Road

मनेन्द्रगढ़ विधान सभा के अंतर्गत नगर पंचायत झगराखंड के मुख्या मार्गो की हालत इतनी जर्जर हो गयी है की वहां चालको को दुर्घटना का भय बना रहता है. पिछले दिनों भाजपा युवा मोर्चा ने एस.डी.एम को ज्ञापन भी दिया था. बावजूद इसके आज तक इस विषय पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है.

नगर पंचायत के प्रवेश द्वार से लेकर जी.एम. ऑफिस तक रास्ता इस तरह  से ख़राब हो चुका है की वाहनों से क्या पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है. इस रास्ते की खराब हालत को देखते हुए नगर पंचायत झगराखंड द्वारा एस.इ.सी.एल प्रबंधन का घेराव करने की चेतावनी दी जा चुकी है. साथ ही ७ मई को २ घंटे तक सांकेतिक चक्का जाम भी किया जा चुका है. परन्तु महाप्रबंधन द्वारा इसे ठीक करवाने का आश्वासन दे दिया गया और आज इतने दिनों बाद भी सड़क की हालत जस की तस है.

सड़क की हालत देख कर साफ़ समझ में आ रहा है कि इस बरसात में इस सड़क का क्या हाल हो जायेगा और जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं होगा तब तक एस.ई.सी.एल की अधिकारीयों के आँखों में से पट्टी नहीं उतारेगी और सड़क का जीर्णोद्धार नहीं होगा.

(बंसल न्यूज़)

May 09, 2011

Sheetal Peya Padarth

शीतल पेय पदार्थ में हानिकारक पदार्थ पाए जाते हैं इस बात का खुलासा समाये समय पर होता रहता है, लेकिन  एक साथ पुरे लात में फंगस की बात पहली बार देखने को मिल रही है. 

जहाँ तक हमने देखा है की भारत में लघाग सभी ब्रांड्स अपने उत्पाद को बेहतर बताने की कोशिश करते हैं, लेकिन इन्ही उत्पाद में से एक है मिरिनडा जो की सभी जगहों पर उपलब्ध तो है पर उपभोक्ताओ के प्रति कितना सजग है ये आप देख सकते हैं, मिरिनडा जो की लगभग सभी वर्ग की पहली पसंद है, पर हम जो देख रहे हैं की ८६ नंबर बैच की इन बोतलों में जिनकी एक्सपाइरी डेट तो २०११ के आठवे माह की लिखी है पर जब इनकी जांच की गयी तो इनमे फंगस पाए गए, जब दुकानदार से इसकी बात की गयी तो उसने डीलर का हवाला दे दिया और और जब डीलर से पूछा गया तो उन्होंने कंपनी से बात करने को कहा, जहाँ पर उन्होंने कहा की हमे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है और जहाँ से शिकयाते मिल रही है वह से हम वहा से माल उठवा लिए हैं, और जो जानकारी नहीं मिली है उसके बारे में हम नहीं बता सकते हैं.

सुर्त्रो के मुताबिक छ.ग. में कोई भी मेनुफैचर प्लांट न होने का फायदा उठाते हुए कम्पनी वालो ने इस डिफेक्टिव माल की खपत कर डाली और जब मामला सामने आया तो कम्पनी वाले बात की जानकारियो न होने की बात कर रहे हैं.

बात यही पर ख़तम नहीं होती है अगर ८६ नं. लात में हजारो बोतले भरी गे है तो बाकी बोतलों की जांच भी होना जरुरी है, पर शायद अब तक तो वो सारी बोतले कब की उपभोक्ताओ द्वारा खपत कर ली गयी होंगी. ऐसे में अगर जनता के स्वस्थ्य के साथ खिलवाड़ होता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा. डीलर/मिरिंडा कम्पनी या वो उद्योग के कर्मचारी जो उस फंगस वाली बोतलों को पैक कर रहे हैं.

(सहारा समय, बंसल न्यूज़)

Mahaband

मनेन्द्रगढ़ के निवासी उस पी.डब्लू.डी ऑफिस के बैकुंठपुर ट्रांसफर करने की बात सुन कर सकते में आ गए जो म.प्र. के विभाजन से भी काफी पहले से मनेन्द्रगढ़ में स्थित है और इसे संभागीय कार्यालय का दर्जा भी मिला हुआ है.  दिनांक ०६/०५/२०११ को जैसे ही जनता को यहाँ खबर मिली तो साडी जनता सड़क पर इसका विरोध करने उतर आई.

जैसे ही रायपुर से यह सूचना आदेशित हुई की मनेन्द्रगढ़ स्थित कार्यालय को बैकुंठपुर ट्रान्सफर किया जाना है तो रातोरात एक मनेन्द्रगढ़ बचाओ समिति गठित की गयी, और तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार दिन के ११ बजे सभी नागरिक और व्यापारी चक्का जाम किया गया और मुख्या मंत्री को ज्ञापन भेने की बात कही गयी है. 

साथ ही दिनांक ७/०५/२०११ को महाबंद कर मनेन्द्रगढ़ बचाओ दल के कार्यक्रम के तले उग्र आन्दोलन करते हुए मांगे पूरी करने तक आन्दोलन करने की बात कही गयी, साथ ही यह भी कहा गया की अगर मांगे पूरी नहीं की जाएँगी तो सोमवार से अनिश्चित कालीन बंद का एलन किया जायेगा.

(सहारा समाये, ई टीवी, बंसल न्यूज़)